सूफियाना हुआ दिल
सूफियाना हुआ दिल मचलने लगे हम।
तेरी याद में नगमे पढ़ने हम ।।
कैसे बताए क्या चाहते हम ।
तेरी खुशबू में जो महकने लगे हम ।।
सूफियाना........
तेरे जुल्फों की घनी छांव में ।
दबी उंगलियों संग उलझने लगे हम।।
तेरी याद में.....
मेरे दिल के घरौंदे में आओं कभी
थोड़ा बहक जाऊं मैं भी तेरे आगोश में
सूफियाना ......
मैं भी बंजर हूं ,बेकार सा
थोड़ी उग जाओं तुम भी मौसमी पौध सी...
सूफियाना ......।।
रेशमा त्रिपाठी
प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश



