कविता जब लिखें तो दिल और दिमाग दोनों का प्रयोग करें.
कविता लिख कर जब कविता का मूल्याङ्कन करें तो केवल हृदय का इस्तेमाल करें तथा हृदय के निर्देश अनुसार ही कविता को अंतिम रूप प्रदान करें।
------प्रभु दयाल खट्टर

Thursday, 5 September 2019

शीर्षक – ‘शिक्षक दिवस विशेष'


 गुरु चरणों की वंदना हम सब मानव चाहते हैं
 और गुरुवर का सम्मान सदा ईश्वर से बढ़कर करते हैं ।

गुरु वशिष्ठ और विश्वामित्र सा हम सब भी गुरुवर चाहते हैं
 जैसें श्रेष्ठ पुरुष श्री राम बने वैंसे ही, हम सब भी बनना चाहते हैं।
 गुरु ब्रह्मा ,गुरु विष्णु, गुरुवर ही महेश बने हैं अब 
हम सब भी लव कुश के जैसें, गुरु कृपा बस चाहते हैं ।

हम सब अपने गुरुवर का ईश्वर से पहले पूजन करते हैं 
औ बिना आँख  के सूर  के जैसें ईश्वर दर्शन  करना चाहते हैं।

 गुरु वाल्मीक के रामायण का , कथानक बनना चाहते हैं
 औ गुरु मिलें  वाल्मीकि जैसें तो रामायण के राम बनना चाहते हैं ।
गुरुवर तेरे चरणों में हम सौं– सौ़ बार शीश झुकाते हैं 
भले बने हैं प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता पर, प्रथम पूजन गुरुवर का करते हैं ।

 प्रेम समर्पण भाव लिए ,अपना स्वाभिमान समर्पित करते हैं गुरुवर अंतरपट को खोल दो , हम सब इतना आशीष आपका  चाहते हैं  ।।

रेशमा त्रिपाठी
प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश।
नमस्कार मित्रो। नवोदित कवि और उनकी कविताएं ', इस ब्लॉग मेंआपका स्वागत है। हिंदी कविता लेखन में पदार्पण करने वाले नए कवियों की कवितायेँ इस ऑनलाइन पत्रिका में आमंत्रित है। रचनाएँ भेजते समय एक प्रमाण पत्र भेजें जिसमें लिखें कि भेजी जा रही रचना मौलिक है तथा कहीं प्रकाशित नहीं हुई है साथ ही ये भी लिखें कि रचना के सर्वाधिकार लेखक के पास सुरक्षित हैं रचना ब्लॉग में प्रकाशित होने पर कोई पारिश्रिमिक नहीं दिया जाएगा। कवि की आयु 18 वर्ष से लेकर 30 वर्ष के बीच होनी चाहियें। ब्लॉग का उद्द्शेय है नवोदित कविओं को प्रोत्साहन देना। रचना की विषय वस्तु विवादरहित होनी चाहिए तथा कविता किसी मनुष्य धर्म,जाति या किसी राजनितिक पार्टी के समर्थन या विरोध में नहीं होनी चाहिये। कविता हर हाल में जीवन में आशा तथा पारस्परिक सहयोग को बढ़ावा देने और संघर्षों का मुकाबला करने की प्रेरणा देने वाली होनी चाहिए। रचनाएँ भेजते समय अपना पूरा पता, फ़ोन नंबर तथा अपना संक्षिप्त परिचय भी लिख कर भेजें। रचना स्वीकृत होने पर ही प्रकाशित की जाएँगी। यदि एक माह के भीतर रचना प्रकाशित ना हो तो वह अस्वीकृत समझी जाये। रचना की विषय वस्तु के प्रति हर तरह की जिम्मेदारी लेखक की होगी प्रकाशक या संपादक उसके लिए जिम्मेदार नहीं समझा जाये .ब्लॉग की नीति से मेल ना खाने वाली रचनाएँ प्रकाशित नहीं की जाएँगी। रचनाएँ केवल इ मेल से ही भेजी जाएँ। हमारा इ मेल का पता है; kpk570@yahoo.com