माँ को मेरा सदा प्रणाम...
कविता – माँ से जीवन है’
माँ प्रथम पृष्ठ मेरे जीवन की,
माँ होती शब्दों की जादूगर
हर संशय को खत्म करती
माँ प्रथम पाठशाला जीवन की
मेरे प्रथम पृष्ठ जीवन की,
माँ होती गुरू असमंजस की
और प्रेरणा स्तोत्रहै बनती,
माँ होती है जीवन भर की डिग्री
मेरे प्रथम पृष्ठ जीवन की।,
माँ हर समाधान का जरिया
जिसका कोई मोल नहीं
माँ जीवन के क्षण –,क्षण की
इकलौती साक्षी है ,
माँ प्रथम पृष्ठ जीवन की .
माँ के क़दमों में जन्नत है
माँ के स्पर्श में चारों धाम
माँ की गोदी में हर सुख है
माँ को मेरा सदा प्रणाम।
लेखिका–रेशमा त्रिपाठी
प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश ।
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