मेरे पास एक साइकल है
जिसकी ट्यूब में
जितनी अधिक हवा भरो उतना तेज दौड़ती है।
हवा है तो हलकी सी
किन्तु भारी वस्तु को भी हल्का कर देती है।
यद्यपि दिखती नहीं किन्तु
जीवन देती है हवा
जैसे तुम दिखती नहीं
किन्तु स्मृतियाँ तुम्हारी जीवित रखती हैं
मुझको
क्या जीवन केवल वही दे सकता है
जो दिखता नहीं,,,
रचनाकार-अनुराग बंसल
२७ वर्ष